Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


डिप्लोमा इन जैनोलोजी कोर्स का अध्ययन परमपूज्य प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी द्वारा प्रातः 6 बजे से 7 बजे तक प्रतिदिन पारस चैनल के माध्यम से कराया जा रहा है, अतः आप सभी अध्ययन हेतु सुबह 6 से 7 बजे तक पारस चैनल अवश्य देखें|

१८ अप्रैल से २३ अप्रैल तक मांगीतुंगी सिद्धक्ष्रेत्र ऋषभदेव पुरम में इन्द्रध्वज मंडल विधान आयोजित किया गया है |

२५ अप्रैल प्रातः ६:४० से पारस चैनल पर पूज्य श्री ज्ञानमती माताजी के द्वारा षट्खण्डागम ग्रंथ का सार प्रसारित होगा |

इन्द्रध्वज विधान की आरती

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

इन्द्रध्वज विधान की आरती

Diya123.jpg Tirth.jpg

तर्ज—ॐ जय.............


ॐ जय श्री सिद्ध प्रभो, स्वामी जय श्री सिद्ध प्रभो।
शत इन्द्रों से वंदित, त्रिभुवन पूज्य विभो।।ॐ जय.....।।टेक.।।
भूत भविष्यत संप्रति, त्रैकालीक कहें।स्वामी..........
नरलोकोद्भव सिद्धा, नंतानंत रहें।।ॐ जय..........।।१।।

Dhoop 1.jpg
Dhoop 1.jpg

मध्यलोक के शाश्वत, मणिमय अभिरामा।स्वामी.......
चारशतक अट्ठावन, अविचल जिनधामा।।ॐ जय.......।।२।।

Almonds.jpg
Almonds.jpg

सबमें जिनवर प्रतिमा, इक सौ आठ कहीं।स्वामी.......
सिद्धन की है उपमा, अनुपम रत्नमयी।।ॐ जय........।।३।।

Pooja-kalash-500x500.jpg
Pooja-kalash-500x500.jpg

कनकमयी सिंहासन, अद्भुत कांति भरे।स्वामी........
जिनमूरति पद्मासन, राजे शांति धरे।।ॐ जय.........।।४।।

Special.jpg
Special.jpg

तीन छत्र हैं सिर पर, चौंसठ चंवर ढुरें।स्वामी.......
भामंडल द्युति अद्भुत, सूरज कांति हरे।।ॐ जय.......।।५।।

इन्द्र सभी मिल करके, पूजा भक्ति करें।स्वामी........
जिनमंदिर के ऊपर, ध्वज आरोप करें ।।ॐ जय......।।६।।

इसी हेतु इन्द्रध्वज, पूजन है सार्थक।स्वामी........
जो करते श्रद्धा से, पाते शिवमारग।।ॐ जय..........।।७।।

हम सब भी मिल करके, आरति नित्य करें।स्वामी........
‘‘ज्ञानमती’’ ज्योती से, तम अज्ञान हरें।।ॐ जय.......।।८।।