ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्ज एप पर मेसेज करें|

इन्द्रिय—विषय :

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


इन्द्रिय—विषय :

सुष्ठ्वपि माग्र्यमाण:, कुत्रापि कदल्यां नास्ति यथा सार:।

इन्द्रियविषयेषु तथा, नास्ति सुखं सुष्ठ्वपि गवेषितम्।।

—समणसुत्त : ४७

बहुत खोजने पर भी जैसे केले के पेड़ में कोई सार नहीं दिखाई देता, वैसे ही इन्द्रिय–विषयों में भी कोई सुख दिखाई नहीं देता।