ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्ज एप पर मेसेज करें|

पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी के द्वारा अागमोक्त मंगल प्रवचन एवं मुंबई चातुर्मास में हो रहे विविध कार्यक्रम के दृश्य प्रतिदिन देखे - पारस चैनल पर प्रातः 6 बजे से 7 बजे (सीधा प्रसारण)एवं रात्रि 9 से 9:20 बजे तक|
इस मंत्र की जाप्य दो दिन 16 और 17 तारीख को करे |

सोलहकारण व्रत की जाप्य - "ऊँ ह्रीं अर्हं संवेग भावनायै नमः"

इन्हें भी जाने ?

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


इन्हें भी जाने? (Red-number-2.jpg )

१. जीव के २ प्रकार संसारी और मुक्त जीव
२. निर्जरा के २ प्रकार सकाम निर्जरा,अकाम निर्जरा
आदिनाथ भगवान के २ नाम ऋषभदेव, आदिनाथ
पुष्पदंत भगवान के २ नाम पुष्पदंत, सुविधिनाथ
नय के २ भेद निश्चयनय, व्यवहारनय
काल के २ प्रमुख भेद अवसर्पिणी काल, उत्सर्पिणी काल,
आकाश के २ भेद लोकाकाश , अलोकाकाश
कर्म के २ भेद घातियाकर्म , अघातिया कर्म
भाषा के २ प्रकार लघु भाषा, महाभाषा
ऋषभदेव की २ पुत्रियां ब्राह्मी, सुंदरी