ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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इन ८ आदतों से सुधारें अपना घर

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इन ८ आदतों से सुधारें अपना घर

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(१) अगर आपको कहीं पर भी थूकने की आदत है तो यह निश्चित है कि आपको यश, सम्मान अगर मुश्किल से मिल भी जाता है तो कभी टिकेगा ही नहीं।

वाश बेसिन में ही यह काम कर आया करें।

(२) जिन लोगों को अपनी झूठी थाली या बर्तन वहीं उसी जगह पर छोड़ने की आदत होती है उनको सफलता कभी भी स्थायी रूप से नहीं मिलती। बहुत मेहनत करनी पडती है और ऐसे लोग अच्छा नाम नहीं कमा पाते। अगर आप अपने झूठे बर्तनों को उठाकर उनकी सही जगह पर रख आते हैं तो चन्द्रमा और शनि का आप सम्मान करते हैं।

(३) जब भी हमारे घर पर बाहर से कोई आए, चाहे मेहमान हो या कोई काम करने वाला, उसे स्वच्छ पानी जरूर पिलाएँ। ऐसा करने से हम राहु का सम्मान करते हैं।

जो लोग बाहर से आने वाले लोगों को स्वच्छ पानी हमेशा पिलाते हैं उनके घर में कभी भी राहु का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता।

(४) घर के पौधे आपके अपने परिवार के सदस्यों जैसे ही होते हैं। उन्हें भी प्यार और थोड़ी देखभाल की जरूरत होती है। जिस घर में सुबह—शाम पौधों को पानी दिया जाता है तो हम बुध, सूर्य और चन्द्रमा का सम्मान करते हुए परेशानियों से डटकर लड़ पाते हैं।

जो लोग नियमित रूप से पौधों को पानी देते हैं, उन लोगों को डिप्रेशन जैसी परेशानियाँ जल्दी से नहीं पकड़ पाती।

(५) जो लोग बाहर से आकर अपने चप्पल, जूते, मोजे इधर—उधर फैक देते हैं उन्हें उनके शत्रु बड़ा परेशान करते हैं। इससे बचने के लिए अपने चप्पल—जूते किनारे से लगाकर रखें। आपकी प्रतिष्ठा बनी रहेगी।

(६) उन लोगों का राहु और शनि खराब होगा जो लोग जब भी अपना बिस्तर छोड़ेंगे तो उनका बिस्तर हमेशा फैला हुआ होगा। सिलवटें ज्यादा होंगी, चादर कहीं, तकिया कहीं, कम्बल कहीं।

उस पर ऐसे लोग अपने पुराने पहने हुए कपड़े तक फैलाकर रखते हैं ऐसे लोगों की पूरी दिनचर्या कभी भी व्यवस्थित नहीं रहती, जिसकी वजह से वे खुद भी परेशान रहते हैं और दूसरों को भी परेशान करते हैं। इससे बचने के लिए उठते ही स्वयं अपना बिस्तर समेट दें।

(७) पैरों की सफाई पर हम लोगों को हर वक्त खास ध्यान देना चाहिए। जो कि हममें से बहुत सारे लोग भूल जाते हैं। नहाते समय अपने पैरों को अच्छी तरह से धोएँ। कभी भी बाहर से आए तो पाँच मिनट रुककर मुँह और पैर धोएँ।

आप खुद यह पाएँगे कि आपका चिड़चिड़ापन कम होगा, दिमाग की शक्ति बढ़ेगी और क्रोध धीरे—धीरे कम होने लगेगा।

(८) रोज खाली हाथ घर लौटने पर धीरे—धीरे उस घर से लक्ष्मी चली जाती है और उस घर के सदस्यों में नकारात्मक या निराशा के भाव आने लगते हैं। इसके विपरीत घर लौटते समय कुछ न कुछ वस्तु लेकर आएँ तो उससे घर में बरकत बनी रहती है। उस घर में लक्ष्मी का वास होता जाता है। हर रोज घर में कुछ न कुछ लेकर आना वृद्धि का सूचक माना गया है। ऐसे घर में सुख, समृद्धि और धन हमेशा बढ़ता जाता है और घर में रहने वाले सदस्यों की भी तरक्की होती है।

पोरवाड जैन उद्घोष फरवरी २०१५