Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


खुशखबरी ! पू० गणिनी श्रीज्ञानमती माताजी ससंघ कतारगाँव में भगवान आदिनाथ मंदिर में विराजमान हैं|

इस युग की पहली कृती

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

इस_युग_की_पहली_कृती


तर्ज-फूलों सा.......

इस युग की पहली कृती, सौन्दर्य की खान है।

जम्बूद्वीप नाम है, विश्व में महान है, गजपुर की ये शान है।।इस युग...।।टेक.।।

कलियुग का मानव है भाग्यशाली,

मेरु पे चढ़ने का अवसर मिला।

माँ ज्ञानमती जी का उपकार है यह,

भूगोल का ज्ञान सबको मिला।

हस्तिनापुरी में, देखो सुरगिरी पे, पाण्डुक शिलाएँ बनीं चार हैं।

जिनवर के अभिषेकों से, पावन वो स्थान है।

जम्बूद्वीप नाम है, विश्व में महान है, गजपुर की ये शान है।।इस युग.।।१।।

जम्बू व शाल्मलि वृक्षों में देखो,

जिनवर स्वयंसिद्ध के बिम्ब हैं।

लगता है उनमें जामुन लटकते,

सचमुच के पेड़ों के प्रतिबिम्ब हैं।।

क्षेत्र विदेहों के, मध्य नगरियों में, जिनवर सदा विहरण कर रहे।

सीमन्धर की वाणी यहाँ, खिरती परमधाम है।

जम्बूद्वीप नाम है, विश्व में महान है, गजपुर की ये शान है।।इस युग.।।२।।

जम्बूद्वीप के भरतक्षेत्र में,

छह खंड का रूप दरशाया है।

विजयार्ध पर्वत पे चक्रवर्ती का,

अर्ध विजय झण्डा लहराया है।।

भोगभूमियों की, कर्मभूमियों की, ‘चंदना’ व्यवस्था बनी है वहाँ।

सब मिलकर, वंदन करो, मिट जाता अज्ञान है।

जम्बूद्वीप नाम है, विश्व में महान है, गजपुर की ये शान है।।इस युग.।।३।।