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उञ्छवृत्ति

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उञ्छवृत्ति
Livlihood by collecting the remaining food-grains from the field after harvesting. फसल कटने के बाद खेत से धान्य को बीनकर लाना एंव पकाकर खाना उञ्छवृत्ति कहलाती है। जीवंधर स्वामी की माँ रानी विजया ने 16 वर्ष तक तापसियों के आश्रम में रखकर उ॰छवृत्ति से जीवन यापन किया था ऐसी कथा का जीवंधर चंपू में वर्णन है।