ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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उत्तमार्थ

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उत्तमार्थ
A type of repentance, recounting the unexpiated sins (reg. whole life) and repenting for them. प्रतिक्रमण का एक भेद जन्म से मरणपर्यंत लगे हुए दोषों की शुद्धि करना।