ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्ज एप पर मेसेज करें|

प्रथामाचार्य श्री शांतिसागर महाराज की 62 वीं पुण्यतिथि (भाद्रपद शुक्ला दुतिया) 23 अगस्त को मुंबई के जैनम हाल में पूज्य गणिनी ज्ञानमती माता जी के सानिध्य में मनायी जाएगी जैन धर्मावलंबी अपने-अपने नगरों में विशेष रूप से इस पुण्यतिथि को मनाकर सातिशय पुण्य का बंध करें|
Graphics-candles-479656.gif

इस मंत्र की जाप्य दो दिन 22 और 23 तारीख को करे |

सोलहकारण व्रत की जाप्य - "ऊँ ह्रीं अर्हं साधुसमाधि भावनायै नमः"

उत्तमार्थ प्रतिक्रमण

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

उत्तमार्थ प्रतिक्रमण
Recounting the unexpiated sins (reg. whole life) and repenting for them. जन्मपर्यंत लगे हुए दोषों की शुद्धि करना समाधि के समय किया गया प्रतिक्रमण। यह प्रतिक्रमण सल्लेखना के समय क्षपक द्वारा किया जाता है।