Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


डिप्लोमा इन जैनोलोजी कोर्स का अध्ययन परमपूज्य प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी द्वारा प्रातः 6 बजे से 7 बजे तक प्रतिदिन पारस चैनल के माध्यम से कराया जा रहा है, अतः आप सभी अध्ययन हेतु सुबह 6 से 7 बजे तक पारस चैनल अवश्य देखें|

ॐ ह्रीं मोक्ष कल्याणक प्राप्ताय श्री मल्लिनाथ जिनेन्द्राय नमः |

उत्तम संयम के पालन से, मानव को शिव का द्वार मिले

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

उत्तम संयम के पालन

तर्ज—बाबुल की दुआएं......

524.jpg
उत्तम संयम धर्म

उत्तम संयम के पालन से, मानव को शिव का द्वार मिले।
निज मन पे नियंत्रण करने से, रत्नत्रय का भंडार मिले।।टेक.।।
पारसमणि को पाना जैसे, दुर्लभ ही नहीं अतिदुर्लभ है।
वैसे ही संयमरूपी मणि को, पाना भी अतिदुर्लभ है।।
यदि मिल जावे वह रत्न तो समझो, मोक्षपंथ साकार मिले।
निज मन पे नियंत्रण करने से, रत्नत्रय का भंडार मिले।।१।।
इन्द्रिय संयम प्राणी संयम से, संयम द्वैविध माना है।
इनका पालन करने वालों को, शिवपद निश्चित पाना है।।
श्रावक को भी कचित् संयम, पालन से सुख आधार मिले।
निज मन पे नियंत्रण करने से, रत्नत्रय का भंडार मिले।।२।।
यदि संयम पालन कर न सको, निंदा न संयमी की करना।
उनकी पूजन आहार आदि से, निज आतम शुद्धी करना।।
‘‘चन्दनामती’’ संयम व संयमी, में ही सुख का सार मिले।

निज मन पे नियंत्रण करने से, रत्नत्रय का भंडार मिले।।३।।