ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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इस मंत्र की जाप्य दो दिन 22 और 23 तारीख को करे |

सोलहकारण व्रत की जाप्य - "ऊँ ह्रीं अर्हं साधुसमाधि भावनायै नमः"

उपशमश्रेणी

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उपशमश्रेणी
Substantial ladder, Subsidential progression (in 8, 9, 10, 11th gunasthana) . चारित्र मोहनीय कर्म का उपशम करता हुआ साधक जिस श्रेणी अर्थात् 8वें,9वें,10वें 11वें इन 4 गुणस्थानों रूपी सीढ़ी पर चढ़ता हैं उसे उपशम श्रेणी कहते हैं।