ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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उपशमसम्यग्दर्शन

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उपशमसम्यग्दर्शन
Origination of right perception due to upasham. दर्शन मोहनीय कर्म के उपशम से आत्मा में जो निर्मल श्रद्धान उत्पन्न होता है यह प्रथमोपशम एंव द्वितीयोपशम समर्यदर्शन के भेद से 2 प्रकार का है।