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डिप्लोमा इन जैनोलोजी कोर्स का अध्ययन परमपूज्य प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी द्वारा प्रातः 6 बजे से 7 बजे तक प्रतिदिन पारस चैनल के माध्यम से कराया जा रहा है, अतः आप सभी अध्ययन हेतु सुबह 6 से 7 बजे तक पारस चैनल अवश्य देखें|

१८ अप्रैल से २३ अप्रैल तक मांगीतुंगी सिद्धक्ष्रेत्र ऋषभदेव पुरम में इन्द्रध्वज मंडल विधान आयोजित किया गया है |

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एकांकी (द्वितीय भाग)

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एकांकी (द्वितीय_भाग) के विषय में
प्रकाशक दिगम्बर जैन त्रिलोक शोध संस्थान, जम्बूद्वीप-हस्तिनापुर
लेखक गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी
पुस्तक के विषय में इसमें भी तीन कथानक लघु नाटिकाओं के रूप में प्रस्तुत किये गये हैं-(१) तीर्थंकर ऋषभदेव (२) अकाल मृत्यु विजय (पोदनपुर नरेश विजय महाराज) (३) प्रत्युपकार पूर्व भव में राजा मेघरथ के रूप में भगवान शांतिनाथ।
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