ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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इस मंत्र की जाप्य दो दिन 18 और 19 तारीख को करे |

सोलहकारण व्रत की जाप्य - "ऊँ ह्रीं अर्हं शक्तितस्त्याग भावनायै नमः"

एकांकी (प्रथम भाग)

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एकांकी (प्रथम_भाग) कवर पेज

एकांकी (प्रथम_भाग) के विषय में
प्रकाशक दिगम्बर जैन त्रिलोक शोध संस्थान, जम्बूद्वीप-हस्तिनापुर
लेखक गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी
पुस्तक के विषय में इसमें तीन कथानक लघु नाटिकाओं के रूप में प्रस्तुत किये गये हैं। (१) दृढ़सूर्य चोर एवं णमोकार महामंत्र का प्रभाव (२) अहिंसा की पूजा (यमपाल चांडाल की दृढ़ प्रतिज्ञा) (३) सती चंदना।
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