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एलर्जी और प्राकृतिक उपचार

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एलर्जी और प्राकृतिक उपचार

एलर्जी रोग से पीड़ित रोगी का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार करने के लिए सबसे पहले रोगी को ४५दिनों तक नींबू पानी, नारियल पानी, सब्जियों का रस और फलों के रस का सेवन करके उपवास रखना चाहिए। इसके बाद एक सप्ताह तक बिना पका हुआ भोजन सेवन करना चाहिए।

इस रोग से पीड़ित रोगी को कभी भी डिब्बाबंद खाद्य, नमक तथा चीनी का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इन चीजों के उपयोग के कारण रोगी की हालत और गंभीर हो सकती है।

एलर्जी रोग से पीड़ित रोगी को सोयाबीन दूध में डालकर पीना चाहिए। इसका प्रतिदिन सेवन करने से यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है। एलर्जी के रोगी व्यक्ति को कुछ दिनों तक सुबह के समय में खाली पेट नीम के पत्तों को पीसकर पानी में मिलाकर पीना चाहिए तथा उसके आधे घंटे तक कुछ भी नहीं खाना चाहिए।

यदि रोगी व्यक्ति सुबह के समय में खाली पेट ५ बूंदे अरण्डी का तेल या रस पानी में डालकर सेवन करे तो उसे बहुत अधिक लाभ मिलता है। प्रतिदिन आंवले के चूर्ण में थोड़ी-सी हल्दी मिलाकर पानी के साथ सेवन करने से एलर्जी रोग जल्द ही ठीक हो जाता है।

एलर्जी रोग से पीडित व्यक्ति यदि सूर्यतम नीली बोतल का पानी प्रतिदिन पीता है तो उसे बहुत अधिक लाभ मिलता है और रोगी व्यक्ति का रोग बहुत जल्दी ही ठीक होता जाता है। एलर्जी रोग से पीड़ित रोगी यदि प्रतिदिन नाड़ी शोधन प्राणायम, अर्धमत्स्येन्द्रासन, सर्वांगासन तथा शवासन करे तो यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

अर्जुन की छाल को रात के समय पानी में डालकर सुबह के समय में इस पानी को छानकर काढ़ा बनाकर पीने से एलर्जी का रोग कुछ ही दिनों के अन्दर ठीक हो जाता है।


जैनदूत जनवरी २०१५