ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|

पू. ज्ञानमती माताजी के सानिध्य में सिद्धचक्र महामंडल विधान (२१ सितम्बर से २८ सितम्बर २०१७ तक) प्रारंभ हो गया है|

करती हूँ तुम्हारी भक्ति, स्वीकार करो माँ

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

करती हूँ तुम्हारी भक्ती

तर्ज—करती हूँ तुम्हारा व्रत मैं......

1 (156) (Small).jpg

करती हूँ तुम्हारी भक्ती, स्वीकार करो माँ।
आये हैं तुम्हारे दर पे, भव से पार करो माँ।।
ओ पूज्य माता, ओ ज्ञान की दाता।। टेक.।।
ज्ञानमती तेरा नाम है, तू ज्ञान पुजारन।
बन जाओ इस जीवन की, तुम तरन और तारण।।
कष्ट करो निवारण, ये उपकार करो माँ।
आये हैं तुम्हारे दर पे, भव से पार करो माँ।।
ओ पूज्य माता, ओ ज्ञान की दाता।।१।।
बाल ब्रह्मचारिणी प्रथम, हो ज्ञान की दाता।
जीवन भर तेरी पूजा करूँ, दो ऐसा वर माता।।
उस ज्ञान की गंगा का, प्रचार करो माँ।
आये हैं तुम्हारे दर पे, भव से पार करो माँ।।
ओ पूज्य माता, ओ ज्ञान की दाता।।२।।
अमृतमयी वाणी से तुमने, लाखों को तारा।
हम भी आशा ले आए, माता दे दो सहारा।।
नमन करें चरणों में हम, उद्धार करो माँ।
आये हैं तुम्हारे दर पे, भव से पार करो माँ।।
ओ पूज्य माता, ओ ज्ञान की दाता।।३।।

Xcz9.jpg