वीर निर्वाण संवत 2544 सभी के लिए मंगलमयी हो - इन्साइक्लोपीडिया टीम

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


22 अक्टूबर को मुंबई महानगर पोदनपुर से पू॰ गणिनी ज्ञानमती माताजी का मंगल विहार मांगीतुंगी की ओर हो रहा है|

करो रे अभिषेक प्रभू का

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

करो रे अभिषेक प्रभू का

'तर्ज - अरे रे मेरी.............'

0014.jpg
करो रे अभिषेक प्रभू का,पुष्पदंतेश प्रभू का,

जयरामा माता के लाल का।।करो रे.।।
काकंदी जी तीर्थ में प्रभू विराजमान,
यही नगरी है इनका जनमस्थान।
पुष्पदंत प्रभु को है मेरा प्रणाम,
'इनका नाम जपने से बनते हैं काम।।करो रे.।।टेक.।।'
नवमें तीर्थंकर पुष्पदंतनाथ हैं,
शुक्रग्रह शांतिकारक प्रभु आप हैं।
काकंदी में देखो कैसा आनन्द हो रहा,
'प्रभु जी के दर्श करके हर्ष हो रहा।।करो रे.।।१।।'
राजधानी दिल्ली से उपहार मिला है,
काकंदी में देखो नया मंदिर बना है।
ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा मिली,
'भक्तों के हृदय में ज्योति ज्ञान की जली।।करो रे.।।२।।'
सभी भक्त स्वस्थ व चिरायु बनेंगे,
अपनी मनोकामनाएं पूरी करेंगे।
रोग शोक अपने सभी नष्ट करेंगे,
'‘‘चंदनामती’’ वे सुख भण्डार भरेंगे।।करो रे.।।३।।'

8560-anniversary-flowers-bouquet-4.jpg