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पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ ऋषभदेवपुरम्-मांगीतुंगी में विराजमान है ।

प्रतिदिन पारस चैनल के सीधे प्रसारण पर प्रातः 6 से 7 बजे तक प.पू.आ. श्री चंदनामती माताजी द्वारा जैन धर्म का प्रारंभिक ज्ञान प्राप्त करें |

कातंत्र रूपमाला

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कातंत्र रूपमाला- श्री शर्ववर्म आचार्य द्वारा रचित संस्कृत व्याकरण का एक अपूर्व ग्रन्थ है , जिसके अध्ययन से जैन व्याकरण का पूर्ण ज्ञान प्राप्त होताहै । पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा हिन्दी टीका हुई है ।