चक्रवर्ती की राजसभा में, राजा आए बड़े-बड़े

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चक्रवर्ती की राजसभा में, राजा आए बड़े-बड़े।

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तर्ज-देखो तेरहद्वीप के अंदर.........

चक्रवर्ती की राजसभा में, राजा आए बड़े-बड़े। इन्द्रदेव सब किंककर बनकर, स्तुति करते खड़े-खड़े।।चक्रवर्ती..... देखो शांतिनाथ जिनवर ने, छह खंड वसुधा जीत लिया। चक्ररत्न के द्वारा उनने, चक्रवर्ति पद प्राप्त किया।। उनके चक्ररत्न के आगे, झुक गये राजा बड़े-बड़े। चक्रवर्ती की राजसभा में, राजा आए बड़े-बड़े।।१।। ये तो चक्रवर्ति तीर्थंकर, कामदेव कहलाते हैं। भौतिक एवं आध्यात्मिक, दोनों सुख इनको भाते हैं।। इनके सम्मुख भेंट चढ़ाने, राजा आये बड़े-बड़े। चक्रवर्ती की राजसभा में, राजा आए बड़े-बड़े।।२।। आज पुन: हस्तिनापुरी में, वही दृश्य दिखलाए हैं। शांतिनाथ की सभा में राजा, देश देश से आए हैं। आशिर्वाद मिले हम सबको, विनती करते खड़े-खड़े। चक्रवर्ती की राजसभा में, राजा आए बड़े-बड़े।।३।।

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