चन्द्रप्रभ

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चन्द्रप्रभ
A disciple of Jaysingh Suri.

जयसिंह सूरि के शिष्य जिन्होंने प्रमेयरत्नकोष तथा दर्शनशुद्धि नामक न्यायविषयक दो ग्रन्थ लिखे . समय- ई. ११२० ।