जब तक सूरज चंदा का प्रकाश रहेगा

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

जब तक सूरज चंदा


तर्ज-करती हूँ तुम्हारी भक्ति........

जब तक सूरज चंदा का प्रकाश रहेगा।
तब तक कल्पद्रुम पूजन का इतिहास रहेगा।
ओ ज्ञानमती माता, ओ ज्ञान की दाता।।टेक.।।

षट्खंडाधिप चक्री कभी यह पूजन करते थे।
भंडार खोलकर दान किमिच्छक सबको देते थे।।
उनकी गरिमा का यह युग भी एहसास करेगा।
तब तक कल्पद्रुम पूजन का इतिहास रहेगा।
ओ ज्ञानमती माता, ओ ज्ञान की दाता।।१।।

श्री समवसरण मे चतुर्मुखी प्रतिमा विराजतीं।
बारह सभा की दृष्टि जिनकी छवि निहारतीं।।
शुभ कल्पवृक्षों का सदा संवास रहेगा।
तब तक कल्पद्रुम पूजन का इतिहास रहेगा।
ओ ज्ञानमती माता, ओ ज्ञान की दाता।।२।।

यह आज के मानव को अवसर प्राप्त हुआ है।
कल्पद्रुम पूजन कर चक्री सुख सार्थ हुआ है।।
‘‘चंदनामती’’ युग-युग तक शांतीवास रहेगा।
तब तक कल्पद्रुम पूजन का इतिहास रहेगा।
ओ ज्ञानमती माता, ओ ज्ञान की दाता।।३।।

BYS 200x225.jpg