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णमोकार मंत्र के अपमान का कुफल

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शिष्य-गुरूजी! यह राजा णमोकार मंत्र पर पैर क्यों रख रहा है?

अध्यापक-यह राजा सुभौम चक्रवर्ती छह खण्डों का स्वामी है। एक ज्योतिष्क देव ने शत्रुता से राजा को मारना चाहा परन्तु राजा के णमोकार मंत्र जपने से वह मार नहीं सका। तब उसने छल से कहा कि राजन्! तुम इस मंत्र को लिखकर उस पर पैर रख दो, तब मैं तुम्हें छोड़ दूँगा। राजा ने वैसा ही किया। मंत्र के अपमान से देव ने राजा को समुद्र में डुबो दिया। इस प्रकार वह राजा मरकर सातवें नरक में चला गया।

प्रश्नावली- १.णमोकार मंत्र के अपमान से राजा कहाँ गया?

२.- चित्र में बताओ, देव कौन है?