तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय ज्ञान का आलय

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय ज्ञान का आलय


तर्ज-जनगण मन.......

तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय ज्ञान का आलय।
महावीर के उच्चादर्शों का जो महा हिमालय।।
समता-शान्ति-समन्वय,
मैत्री भाव में तन्मय।
रहते सन्त जहाँ हैं,
उस भारत की धरती पर सुख क्षेम का सदा उदय हो।
जय हो जय हो जय हो, जय जय जय जय हो, महावीर की जय हो।।१।।

शिक्षा का है सार यही, गुण विनय को मन में धारें।
लौकिक आध्यात्मिक विद्या से मानव जनम सवारें।।
आत्मसृजन की वाणी
होवे जनकल्याणी
ऋद्धि सिद्धि अक्षय हो,
तभी ‘‘चन्दनामती’’ जगत में विश्वशांति की जय हो।
जय हो जय हो जय हो, जय जय जय जय हो, महावीर की जय हो।।२।।

BYS 200x225.jpg