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त्रिकाल चौबीसी विधान

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त्रिकाल चौबीसी विधान के विषय में
प्रकाशक दिगम्बर जैन त्रिलोक शोध संस्थान, जम्बूद्वीप-हस्तिनापुर
लेखक गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी
पुस्तक के विषय में सन् २००३ (वी.नि.सं. २५२९) में भगवान महावीर जन्मभूमि कुण्डलपुर के नंद्यावर्त महल तीर्थ पर भादों शु. चौदस को पूज्य माताजी ने इस विधान का संकलन स्वनिर्मित तीस चौबीसी विधान से
करके प्रदान किया है। इसमें जम्बूद्वीप के भरतक्षेत्र के आर्यखंड में जन्मे भूत-वर्तमान एवं भविष्यत्कालीन २४-२४ तीर्थंकरों की पूजाएँ हैं। एक समुच्चय पूजा है, ७२ अघ्र्य, ३ पूर्णाघ्र्य हैं।
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