पारस सागर जी

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पारस सागर जी महाराज का संक्षिप्त परिचय

पारस सागर जी
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धर्म जैन
पंथ दिगम्बर
परिचय
पूज्यश्री का नाम १०८ आचार्य श्री पारस सागर जी महाराज
ग्रहस्थावस्था का नाम प्रतिष्ठाचार्य पं. भागचंद्र जैन "इन्दु"
जन्मतिथि मगशिर कृष्णा ७ गुरुवार संवत् २००१
जन्म स्थान गुलगंज, (छतरपुर) म. प्र.
जाति जैन
गोत्र गोलापूर्व चंदेरिया
माता का नाम स्व. श्रीमती प्यारीबाई िंसघई
पिता का नाम स्व. श्री विन्द्रावन लाल जैन (राजवैद्य)
लौकिक शिक्षा एम. ए., साहित्य रत्न, आर्युवेद रत्न
धार्मिक जीवन
मुनि दीक्षा ८ अगस्त, २००८
सिद्धक्षेत्र सोनागिरी (म. प्र.)
द्वारा आचार्य १०८ विवेक सागर जी महाराज
आचार्य पदारोहण १३ नवंबर,२०११
अति.क्षेत्र कर गुवाँजी झाँसी (उ. प्र.)
उपाधि वात्सल्यमूर्ति
ओजस्वी प्रवक्ता
मृदु भाषा परीषहजी
स्थविराचार्य

(१) पूज्यश्री का नाम - १०८ आचार्य श्री पारस सागर जी महाराज


(२) गृहस्थावस्था नाम- प्रतिष्ठाचार्य पं. भागचंद्र जैन "इन्दु"


(३) जन्मस्थान - गुलगंज, (छतरपुर) म. प्र.


(४) जन्मतिथि व दिनाँक - मगशिर कृष्णा ७ गुरुवार संवत् २००१


(५) जाति - जैन


(६) गोत्र - गोलापूर्व चंदेरिया


(७)(A) माता का नाम - स्व. श्रीमती प्यारीबाई िंसघई

(B) पिता का नाम - स्व. श्री विन्द्रावन लाल जैन (राजवैद्य)


(८) लौकिक शिक्षा - एम. ए., साहित्य रत्न, आर्युवेद रत्न


(९) आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत/प्रतिमा-व्रत ग्रहण करने का विवरण - १९९१ दर्शन प्रतिमा, १९९३ व्रत प्रतिमा सम्मेदशिखरजी आचार्य श्री विद्याभूषण से भोपाल में

द्वारा - आचार्य श्री सुमति सागर जी महाराज सप्तम प्रतिमा—आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज अ. क्षेत्र श्रेयांशगिरि, जि. पन्ना, (म. प्र.)


(१०) क्षुल्लक/क्षुल्लिका दीक्षा तिथि, दिनाँक व स्थान -

क्षुल्लक/क्षुल्लिका दीक्षा गुरु -


(११) ऐलक दीक्षा तिथि, दिनाँक व स्थान -

ऐलक दीक्षा गुरु -


(१२) मुनि दीक्षा तिथि, दिनाँक व स्थान - ८ अगस्त, २००८, सिद्धक्षेत्र सोनागिरी (म. प्र.)

मुनि दीक्षा गुरु - आचार्य १०८ विवेक सागर जी महाराज


(१३)आचार्य/उपाध्याय/गणिनी आदि पदारोहण तिथि व स्थान -उपाध्याय पद नगर करेरा—शिवपुरी (म. प्र.)२४ जुलाई, २०१०; चातुर्मास स्थापना पर आचार्य पद १३ नो. २०११ अति.क्षेत्र कर गुवाँजी झाँसी (उ. प्र.)

पदारोहणकर्ता - दोना पद आचार्य १०८ श्री मेरूभूषण जी महाराज


(१४)साहित्यिक कृतित्व -.

  1. तत्त्वार्थ सूत्र सरनार्थ
  2. आर्युवेद औषधि विज्ञान
  3. आर्युवेद चिकित्सा विज्ञान
  4. जिनागम सार
  5. भक्ति सुधा
  6. श्रावक प्रतिक्रमण
  7. मृत्युमहोत्सव दर्पण
  8. जिनदर्शन पूजन रहस्य।



(१५)उपाधि- वात्सल्यमूर्ति, ओजस्वी प्रवक्ता, मृदु भाषा परीषहजी, स्थविराचार्य,चातुर्मास समापन पर पिच्छी परिवर्तन, २५/नो/२००९ कानपुर (उ. प्र.)


(१६)शिष्यों की संख्या -

आचार्य की संख्या-
उपाध्याय की संख्या-
मुनि की संख्या-
गणिनी की संख्या-
आर्यिका की संख्या-
ऐलक की संख्या-
क्षुल्लक की संख्या-.
क्षुल्लिका की संख्या-
ब्रह्मचारी भाई की संख्या-
ब्रह्मचारिणी बहनें की संख्या-
अन्य संख्या-


(१७)अन्य विशेष जानकारी -

  1. २००८ चार्तुमास श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिरी (दतिया) म. प्र.
  2. २००९ चार्तुमास श्री १००८ पाश्र्वनाथ मन्दिर जी जनरलगंज कानुपर उ.प्र.
  3. २०१० नगर करेरा जिला—ाqशवपुरी (म. प्र.)
  4. २०११ अति. क्षेत्र करगुवाँ जी (झाँसी) उ. प्र.
  5. २०१२ नगर शाहगढ़ (सागर) म. प्र.
  6. २०१३ सागर—वद्र्धमान कालोनी सागर (म. प्र.)