पूज्य प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चन्दनामती माताजी की आरती

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पूज्य प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चन्दनामती माताजी की आरती

रचयित्री - ब्र. कु. इन्दु जैन (संघस्थ)
तर्ज- में तो भूल चली........?

माता चन्दनामती जी की आज, सब मिल आरति करें ।
अपने प्रज्ञा गुणों से हैं ख्यात, सब मिल आरति करें ।।
माता चन्दनामती जी की आज, सब मिल आरति करें ।। टेक. ।।
ज्येष्ठ वदी मावस की शुभ घड़ी आई
मोहिनी माँ ने इक कन्या प्रकटाई ।
पिता छोटेलाल धन्य भाग्य, सब मिल आरति करें । । माता... ।। 1 ।।
बचपन से मन में वैराग्य समाया
ज्ञानमती माता का उपदेश पाया ।
तेरह वर्षों में दिया घर त्याग, सब मिल आरति करें ।। माता... ।। 2 ।।
अजमेर में सुगंधदशमी तिथि थी
उयसिधग्रा दत्त ले तुम पावन हुई थी ।
ल्याग के क्षण को करके याद, सब मिल आरति करें ।। 3 ।।
श्रावण सुदी ग्यारस दीक्षा है पाई
आर्यिका चन्दनामती जी कहलाईं ।
गणिनी ज्ञानमती शिष्या की आज, सब मिल आरति करें ।। 4 ।।
लेखन व वक्त्व कला है अनोखी
कृतियों में आगम की छवि है झलकती ।
ऐसी महिमामयी माँ की आज, सब मिल आरति करें ।। 5 ।।
प्रज्ञा गुणों से तू भरपूर है माँ
अतएव गुरुवर ने यह पद दिया है ।
प्रज्ञाश्रमणी माताजी की आज, सब मिल आरति करें ।। 6 ।।
जब तक धरा, नभ हैं सूरज व तारे
गुणगान तेरा हर भक्त उचारे ।।
इन्दु मुक्ती की लेकर आश, सब मिल आरति करें ।। 7 ।।