बाहुबली मस्तकाभिषेक भजन

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मस्तकाभिषेक भजन

-रचियता एवं गायक- संदीप बोहरा, अजमेर

*तर्ज.......स्वरचित*

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गोमटेश 🙏🏻जय 🙏🏻गोमटेश
गोमटेश 🙏🏻जय🙏🏻 गोमटेश
भर भर के कलशों को
मस्तक पर डालो रे
जल भर के कलशों से
सब नवन कराओं रे
मिल कर के सब बाहुबली को
शीश नवाओ रे........
मस्तकाभिषेक आया
अवसर महान् आया
पुण्य कमाओ रे.......
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बाहुबली को नवन जो करते
जीवन में सोभाग्य को भरते
जपते जो भी बाहुबली को
पार वो नैया सबकी करते
बारह वर्ष के बाद है देखो
अवसर आया रे
मिलकर के सब बाहुबली को
शीश नवाओ रे.........
मस्तकाभिषेक आया
अवसर महान् आया
पूण्य कमाओ रे.......
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अटल, अविचल,मूरत जग में
दूजी ना कोई विश्व जगत में
दूर दूर से जो भी है आते
पाके दरश वो पूण्य कमाते
पूण्य उदय से अवसर आया
खो ना जाए रे
मिलकर के सब बाहुबली को
शीश नवाओ रे
मस्तकाभिषेक आया
अवसर महान् आया
पूण्य कमाओ रे......
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महामस्तकाभिषेक
पावन महोत्सव
जैन जगत का अनुपम महोत्सव
वर्धमान आचार्य यतिश्वर
संत सानिध्य में अनूपम महोत्सव
चारुकीर्ति भट्टारकजी ने
सबको बुलाया रे
मिलकर के श्री बाहूबली को
शीश नवाओ रे
मस्तकाभिषेक आया
अवसर महान् आया
पूण्य कमाओ रे........
भर भर के कलशों............
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