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भजन संग्रह भाग - 01

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भजन (१ न.से ३३ न.तक)


दुनिया से मैं हारा-भजन नं.१

कम बोलो सच बोलो -भजन नं.२

हे शारदे माँ हे शारदे माँ-भजन नं.३

मेरे सर पर रख दो-भजन नं.४

मेरे प्रभु की कृपा से सब काम-भजन नं.५

तुमने भगवान एक वरदान-भजन नं.६

त्वमेव माता त्वमेव पिता-भजन नं.७

नवकार मंत्र-भजन नं.८

वेदों पुरानों का‎-भजन नं.९

प्रभु दर्शन की प्रीत जगी जो -भजन नं.१०

अंगिया रचाने में तो-भजन नं.११

जेसलमेर तीर्थ को जुहारी-भजन नं.१२

मिट्टी में मिलेगी मिट्टी -भजन नं.१३

वेदों पुराणों का -भजन नं.१४

कितना विशाल ये दरबार है -भजन नं.१५

मातृ देवाय नमः पितृ देवाय -भजन नं.१६

सारे जग का तू सरताज-भजन नं.१७

कभी फुर्सत हो तो माँ पद्मावती-भजन नं.१८

स्तुति माँ पद्मावती-भजन नं.१९

तीर्थ हस्तिनापुर में चारों ओर खुशी है छाई...-भजन नं.२०

णमोकार मंत्र...-भजन नं.२१

हम सब ने मिलकर आज-भजन नं.२२

तेरी पूजन को भगवान-भजन नं.२३

जैन धर्म ले प्यारा-भजन नं.२४

मेरे प्रभु का पारस-भजन नं.२५

जैन धर्म का नया सवेरा-भजन नं.२६

हे पारस तुम्हारे-भजन नं.२७

वीर भजले-भजन नं.२८

जो प्यासा लोटे सरोवर-भजन नं. २९

सब मिल के आज जय कहो-भजन नं.३०

अादिपन्था अनुगामी-भजन नं.३१

माता पिता में है -भजन नं.३२

-भजन नं.३३