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डिप्लोमा इन जैनोलोजी कोर्स का अध्ययन परमपूज्य प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी द्वारा प्रातः 6 बजे से 7 बजे तक प्रतिदिन पारस चैनल के माध्यम से कराया जा रहा है, अतः आप सभी अध्ययन हेतु सुबह 6 से 7 बजे तक पारस चैनल अवश्य देखें|

१८ अप्रैल से २३ अप्रैल तक मांगीतुंगी सिद्धक्ष्रेत्र ऋषभदेव पुरम में इन्द्रध्वज मंडल विधान आयोजित किया गया है |

२५ अप्रैल प्रातः ६:४० से पारस चैनल पर पूज्य श्री ज्ञानमती माताजी के द्वारा षट्खण्डागम ग्रंथ का सार प्रसारित होगा |

भजन संग्रह भाग - 09

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माटी से बना जग सारा

बरसा दाता सुख बरसा

मुझे ऐसा वर दे दे प॒भु

लेता मारा प्रभु जी नु नाम

गाऊ रे मैं तो अरिहंत

श्री शंखेश्वर पार्श्वप्रभु

जन जन के तारक तुम

वीर तेरा नाम बडा प्यारा

दादा अपने भक्तों पर

ये तो के सच हे की नवकार

सांप की बांबी पर

जैन धर्म के हीरे मोती

पारस प्रभु के आज गाओ

आओ रे प्रभु एक वार

भगवान तुझे मैं खत लिखता

ओ जिनेश्वर तेरी महिमा

ओ मोक्ष के निवासी

मैं शरण नाथ तेरी

प्रभुजी सांची लागी रे

भक्ति का रंग लगाओ

रूडो अवसर आज आयो

आज आया रे मन भाया रे

करूणा रस का सागर


करो वंदना विधुशी संत महान की

धन्य हुए आहार गुरु के

ये जैन धरम है हमारा

तू कितना अच्छा है

क्योंकि विद्यासागर इनका नाम है

सोलह स्वन्प दिखाये

सुनो गुरु ज्ञान की गागर

दे दे थोड़ा ज्ञान गुरुवर

गुरुवर जैसा त्यागी तपस्वी

हम भक्तहै गुरुदेव के

त्रिशला के प्यारे महावीरा