मंदिर में श्रंगार भला किस लिए है

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मंदिर में श्रृंगार भला किस लिए है


तर्ज - अरे द्वारपालो ................

देखो देखो ये है कलियुग,
 ये है कलियुग का हाल ,
भगवान के दरबार में भी श्रृंगार करके आते है
अरे माता बहनों जरा ये बता दो ,
कि मंदिर में श्रृंगार भला किसलिए है ||

अगर मिलनी है मिट्टी में ये काया ,
तो काया से इतना प्यार भला किसलिए है ||
अरे माता बहनों जरा ये बता दो ,
कि मंदिर में श्रृंगार भला किसलिए है ||

क्या किसने है पहना , क्या किसने है ओड़ा,
ज्यादा ध्यान उसपे है पूजा में थोडा
क्या किसने है पहना , क्या किसने है ओड़ा
ज्यादा ध्यान उसपे है पूजा में थोडा |
अगर देखनी है औरो कि सूरत , तो मंदिर में मूरत भला किसलिए है||
अरे माता बहनों जरा ये बता दो ,
कि मंदिर में श्रृंगार भला किसलिए है ||१||

सास ने क्या टोका , बहु ने क्या बोला ,
सारा भेद आकर मंदिर में खोला
सास ने क्या टोका , बहु ने क्या बोला ,
सारा भेद आकर मंदिर में खोला |
अगर करनी ही है घरों की ही चर्चा , तो मंदिर में शास्त्र भला किसलिए है ||
अरे माता बहनों जरा ये बता दो ,
कि मंदिर में श्रृंगार भला किसलिए है ||२||

लेक्मी की लिपस्टिक , चांदी की पायल ,
आठ सौ की साड़ी और सस्ते वाले चावल
लेक्मी की लिपस्टिक , चांदी की पायल ,
आठ सौ की साड़ी और सस्ते वाले चावल|
तुम्हे चाहिए जो सब कुछ अच्छा , तो मंदिर के चावल अलग किसलिए है
अरे माता बहनों जरा ये बता दो ,
कि मंदिर में श्रृंगार भला किसलिए है ||३||

खीर कब बनाई , कब हलवा खाया ,
सारा गाना आकार मंदिर में गाया
खीर कब बनाई , कब हलवा खाया ,
सारा गाना आकार मंदिर में गाया |
अगर याद आती है खाने की थाली , तो पूजन की थाली भला किसलिए है
अरे माता बहनों जरा ये बता दो ,
कि मंदिर में श्रृंगार भला किसलिए है ||४||

सती मैना सीता , अंजना न जाने ,
पार्वती कुंकुम तुलसी को माने
सती मैना सीता , अंजना न जाने ,
पार्वती कुंकुम तुलसी को माने |
टी.वी. अगर है आदर्श तुम्हारा , तो गुरुओ के प्रवचन भला किसलिए है
अरे माता बहनों जरा ये बता दो ,
कि मंदिर में श्रृंगार भला किसलिए है ||५||