Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ ऋषभदेवपुरम्-मांगीतुंगी में विराजमान है ।

प्रतिदिन पारस चैनल के सीधे प्रसारण पर प्रातः 6 से 7 बजे तक प.पू.आ. श्री चंदनामती माताजी द्वारा जैन धर्म का प्रारंभिक ज्ञान प्राप्त करें |

यशोधर

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

यशोधर - भूतकालीत 19 वें तीर्थकर, मध्यम ग्रैवेयक का एक इन्द्रक विमान, मानुशोत्तर पर्वत के सौगन्धिक कूट का एक देव, एक राजा जिन्होने आटे के मुर्गे की बलि करके कई भवों तक दुर्गति के दुख उठाये। देखें - यषोधर चरित, आटे का मुर्गा आदि पुस्तकें। Yasodhara-Name of the 19th Tirthankar (Jaina-Lord) in the past birth, Name of an Indrak ‘space vehicle’ of Madhyam Graiveyak, Name of a deity of Saugandhikkut (a summit) of Manushottar Mountain. A king who suffered panic miseries for a number of birth due of sacrificial offering of artificial (flourmade cock)