यह सम्यग्ज्ञान का प्याला

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

यह सम्यग्ज्ञान का



यह सम्यग्ज्ञान का प्याला, कोई पियेगा किस्मत वाला।। टेक.।।

ज्ञान ही सच्चा भोजन जग में, ज्ञान ही सच्चा बन्धु जग में।
ज्ञान का पान निराला, कोई पियेगा किस्मत वाला।।१।।

ज्ञान गुरू दे, ज्ञान शिष्य ले, ज्ञान सभी मिथ्यातम हर ले।
ज्ञान ही अमृत प्याला, कोई पियेगा किस्मत वाला।।२।।

ज्ञान ही औषधि, ज्ञान वैद्य है, ज्ञान से मिलता सुख व चैन है।
ज्ञान सुधारस आला, कोई पियेगा किस्मत वाला।।३।।

ज्ञानी से ही ज्ञान मिलेगा, अज्ञानी से नहीं मिलेगा।
ज्ञान नहीं मतवाला, कोई पियेगा किस्मत वाला।।४।।

ज्ञान ही सूरज, ज्ञान ही चन्दा, ज्ञान छुड़ाता है सब फंदा।
ज्ञान ही किरणों की माला, कोई पियेगा किस्मत वाला।।५।।

गुरु बिन सच्चा ज्ञान न होता, ज्ञानी सम्यग्ज्ञान संजोता।
ज्ञान है इक पाठशाला, कोई पियेगा किस्मत वाला।।६।।

Flower-bouquet 043.jpg