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रंगबिरंगा आहार, खिली—खिली सेहत का आधार

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रंगबिरंगा आहार, खिली—खिली सेहत का आधार

यूं तो बैलेंस्ड डाइट की बात आप कई जगह सुनते होंगे , लेकिन क्या आप जानते हैं कि संतुलित आहार प्राप्त करने के लिए जरूरी है कि आप विभिन्न रंगों का भोजन खाएं ? जी हां, वैज्ञानिकों ने यह पाया है कि अलग—अलग रंगों के खाद्य पदार्थ आपके शरीर के अलग—अलग हिस्सों को फायदा पहुंचाते हैं। आइए देखें कौन—सा रंग शरीर के किस अंग का मित्र है।

लाल—यदि आप दिल की रक्षा करना चाहते हैं तो लाल रंग की चीजें खाइए। लाल (तथा गुलाबी) रंग के फल—सब्जी में फायटोकेमिकल्स पाए जाते हैं। तरबूज, अमरूद, टमाटर आदि इस श्रेणी में आते हैं। स्ट्रॉबेरी, रसबेरी तथा बीटरूट में एंथोसायनिन पाए जाते हैं। यह फायटोकेमिकल्स का ही एक समूह है, जो उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है और डायबिटीज से जुड़ी समस्याओं में बचाव करता है।

हराहरे फल— सब्जियों में लूटीन व इंडोल नामक फायटोकेमिकल्स होते हैं, जो लीवर की रक्षा करते हैं। अत: हरे रंग की चीजे खूब खाएँ।

जामुनीयदि आप अपने मस्तिष्क की सलामती चाहते हैं तो जामुनी फल— सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें। इनमें अंगूर, प्याज, जामुनी रंग की पत्तागोभी, आदि शामिल हैं।

कालाकाला रंग लोगों को कम ही पसंद होता है, खास तौर पर खाने—पीने के मामले में, लेकिन यकीन मानिए, काले रंग का आहार आपके गुर्दों के लिए बहुत लाभकारी होता है। अत: मुनक्का, काली चौला फली, काले जैतून आदि खाया करें।

नारंगी प्लीहा की सलामती के लिए नारंगी रंग की चीजें खाना फायदेमंद होता है। संतरों में विटामिन—सी तो होता ही है, कुछ मात्रा में विटामिन—ए भी होता है, जो प्लीहा के लिए अच्छा होता है।

हस्तिनापुर टाईम्स
२७ अक्टूबर, २०१४