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पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ ऋषभदेवपुरम्-मांगीतुंगी में विराजमान है ।

प्रतिदिन पारस चैनल के सीधे प्रसारण पर प्रातः 6 से 7 बजे तक प.पू.आ. श्री चंदनामती माताजी द्वारा जैन धर्म का प्रारंभिक ज्ञान प्राप्त करें |

रवीन्द्र जैन के भजन

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हम यही कामना करते हैं

मस्तकाभिषेक १९९३

मस्तकाभिषेक

बेरागी ओं

बढ़ बरसो

चलो करें हम

सारे तीर्थ बार बार

सावंलिया पारस नाथ

सुनो जिन वाणी

महावीर कहो

तेरे पांच हुआ

वर्तमान को वर्दमान

करुणाके भण्डार

तीरथ शिरोमणि

जय जिनेन्द्र बोलो

अधुरे मुनिवर के

कहा मिलेगे हमें विमल

गुण सहारा विधासागर

वामन गजा

चिंतामणि पाशर्व कहाये

राजुल नेमी से सजा

महावीर की मुंगावर्णी

विमल विन्यांजली

चंदाप॒भु की जय

चलो तेजरा जाना

ओठे परजिसके पारस

आदिपुरुष

गुरु

जीवन

बाहुबली की आरती

जय बाहुबली

तं गोमटेसम्

बंदे जिनवरं

ले चालो मोहे

नर तन रतन अमोल

मन्त्र णमोकार

महावीर झूले पलना

जय-२ सम्मेदशिखर