Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ का मंगल चातुर्मास टिकैतनगर-बाराबंकी में चल रहा है, दर्शन कर लाभ लेवें |

पारस चैनल पर प्रातः ६ से ७ बजे तक देखें जिनाभिषेक एवं शांतिधारा पुन: ज्ञानमती माताजी - चंदनामती माताजी के प्रवचन ।

श्रीवीरसागर महाराज की आरती

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

श्रीवीरसागर महाराज की आरती

Diya123.jpg
1st Pattacharya Shri Veer Sagar Ji Maharaj.jpg


तर्ज—ॐ जय.............


ॐ जय जय गुरुदेवा, स्वामी जय जय गुरुदेवा।
जिनवर के लघुनंदन-२, वीर सिन्धु देवा।।ॐ जय.।।
श्रीचारित्रचक्रवर्ती के, प्रथम शिष्य माने।स्वामी........
पट्टाचार्य प्रथम बन-२, निज पर को जानें ।।ॐ जय.।।१।।
संघ चतुर्विध के अधिनायक, छत्तिस गुणधारी। स्वामी.......
गुरूपूर्णिमा के दिन जन्मे-२, गुरुपद के धारी ।।ॐ जय.।।२।।
आश्विन वदि मावस को, मरण समाधि हुआ ।स्वामी.........
जीवन मंदिर पर तब-२, स्वर्णिम कलश चढ़ा ।।ॐ जय.।।३।।
गुरु आरति से मेरा, आरत दूर भगे। स्वामी ...........

तभी ‘‘चंदनामती’’ हृदय में, आतम ज्योति जगे ।।ॐ जय.।।४।।