ॐकार बोलो, फिर आँख खोलो

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ॐकार बोलो


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तर्ज—तन डोले......

ॐकार बोलो, फिर आँखें खोलो, सब कार्य सिद्ध हो जाएँगे,
नर जन्म सफल हो जाएगा।। टेक.।।

प्रात:काल उषा बेला में, बोलो मंगल वाणी।
हर घर में खुशियाँ छाएँगी, होगी नई दिवाली।। हे भाई......
प्रभु नाम बोलो, निजधाम खोलो, सब कार्य सिद्ध हो जाएँगे।
नर जन्म सफल हो जाएगा।। ॐकार......।।१।।

परमब्रह्म परमेश्वर की, शक्ती यह मंत्र बताता।
णमोकार के उच्चारण से, अन्तर्मन जग जाता।। हे भाई......
नौ बार बोलो, सौ बार बोलो, सब कार्य सिद्ध हो जाएँगे,
नर जनम सफल हो जाएगा।। ॐकार......।।२।।

ॐ शब्द का ध्यान ‘चंदना-मति’ मन स्वस्थ बनाता।
इसके ध्यान से मानव इक दिन, परमेष्ठी पद पाता।। हे भाई......
नौ बार बोलो, सौ बार बोलो, सब कार्य सिद्ध हो जाएँगे।
नर जनम सफल हो जाएगा।। ॐकार......।।३।।