Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ का मंगल चातुर्मास टिकैतनगर-बाराबंकी में चल रहा है, दर्शन कर लाभ लेवें |

पारस चैनल पर प्रातः ६ से ७ बजे तक देखें जिनाभिषेक एवं शांतिधारा पुन: ज्ञानमती माताजी - चंदनामती माताजी के प्रवचन ।

०१०. सम्यग्दृष्टी यदि जिनशास्त्र का एक पद है

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


सम्यग्दृष्टी यदि जिनशास्त्र का एक पद व एक अक्षर का भी श्रद्धान नहीं करता है तो मिथ्यादृष्टि हो जाता है

शिवकोटि आचार्य की यह भी गाथा ध्यान देने योग्य है


पदमक्खरं च एक्वं पि जो ण रोचेदि सुत्तणिद्दिट्ठं।

सेसं रोचंतो विहु मिच्छाइट्ठी मुणेयव्वो।।३९।।

जो जीव सूत्रनिर्दिष्ट समस्त वाङ्मय का श्रद्धान करता हुआ भी यदि एक पद का व एक अक्षर का भी श्रद्धान नहीं करता है तो वह समस्त श्रुत की रुचि करता हुआ भी मिथ्यादृष्टि है। (भगवती आराधना प्र. अ.)