Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


दिव्य शक्ति ब्राह्मी-सुंदरी स्वरूपा गाणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ का मंगल चातुर्मास अवध की धरती जन्मभूमि टिकेटनगर में 15-7-19 से प्रारंभ हुआ |

पारस चैनल पर प्रातः ६ से ७ बजे तक देखें जिनाभिषेक एवं शांतिधारा पुन: ज्ञानमती माताजी - चंदनामती माताजी के प्रवचन ।

०४४.भगवान महावीर विपुलाचल पर्वत पर पहुँचे

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


भगवान महावीर विपुलाचल पर्वत पर पहुँचे

षट्षष्टिदिवसान् भूयो मौनेन विहरन विभुः।

आजगाम जगत्ख्यातं जिनो राजगृहं पुरम्।।६१।।
आरुरोह गिरिं तत्र विपुलं विपुलश्रियम्
प्रबोधार्थं स लोकानां भानुमानुदयं यथा।।६२।।

तदनन्तर छ्यासठ दिन तक मौन से विहार करते हुए श्री वर्धमान जिनेन्द्र जगत् प्रसिद्ध राजगृह नगर आये ।।६१।। वहाँ जिस प्रकार सूर्य उदयाचल पर आरूढ़ होता है उसी प्रकार वे लोगों को प्रतिबुद्ध करने के लिए विपुल लक्ष्मी के धारक विपुलाचल पर आरूढ़ हुए ।।६२।। ( हरिवंशपुराण,सर्ग-२,पृ॰ १७)