Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ का मंगल चातुर्मास टिकैतनगर-बाराबंकी में चल रहा है, दर्शन कर लाभ लेवें |

पारस चैनल पर प्रातः ६ से ७ बजे तक देखें जिनाभिषेक एवं शांतिधारा पुन: ज्ञानमती माताजी - चंदनामती माताजी के प्रवचन ।

२४ तीर्थंकर भगवानों के वैराग्य प्रसंग

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

२४ तीर्थंकर भगवानों के वैराग्य प्रसंग

-आर्यिका १०५ ज्ञेयश्री माताजी

१) श्री ऋषभनाथ जी - नीलांजना की मृत्यु।
२) श्री अजितनाथ जी - बिजली चमकने से।
३) श्री सम्भवनाथ जी - मेघ देखने से।
४) श्री अभिनन्दन नाथ जी - मेघों का विघटन।
५) श्री सुमतिनाथ जी - जाति स्मरण।
६) श्री पदमप्रभु नाथ जी - जाति स्मरण।
७) श्री सुपार्श्व नाथ जी - जाति स्मरण।
८) श्री चन्द्रप्रभु नाथ जी - दर्पण।
९) श्री पुष्पदन्त नाथ जी - उल्कापात से।
१०) श्री शीतलनाथ जी - हिमनाश से।
११) श्री श्रेयांसनाथ जी - पतझड़ से।
१२) श्री वासुपूज्य नाथ जी - जाति स्मरण।
१३) श्री विमलनाथ जी - ओस विघटन।
१४) श्री अनन्तनाथ जी - उल्कापात से।
१५) श्री धर्मनाथ जी - उल्कापात से।
१६) श्री शांतिनाथ जी - जाति स्मरण (दर्पण)।
१७) श्री कुन्थुनाथ जी - जाति स्मरण।
१८) श्री अरहनाथ जी - मेघ फटने से।
१९) श्री मल्लिनाथ जी - ताड़ित।
२०) श्री मुनिसुव्रतनाथ जी - जाति स्मरण।
२१) श्री नमिनाथ जी - जाति स्मरण।
२२) श्री नेमिनाथ जी - पशुओं का क्रन्दन।
२३) श्री पार्श्वनाथ जी - जाति स्मरण।
२४) श्री महावीर स्वामी जी - जाति स्मरण।