ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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021.संस्कृत टीका लेखन के स्थल

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संस्कृत टीका लेखन के स्थल

(पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने ‘षट्खंडागम’ ग्रंथ की सिद्धांतचिंतामणि टीका ८-१०-९५ से प्रारंभ कर २५-२-९६ को प्रथम पुस्तक सत्प्ररूपणा के १७७ सूत्रों की टीका पूर्ण की। उन्हें कहाँ-कहाँ लिखा है। सो यहाँ वह स्थान व तिथियाँ दी जा रही हैं)

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