ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्ज एप पर मेसेज करें|

20 सितम्बर 2017 आश्विन क्रष्णा अमावस्या को आचार्य श्री वीरसागर महाराज की 60वीं पुण्य तिथि मनाएं|

03.झण्डारोहण गीत-1

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज



झण्डारोहण गीत

तर्ज-फूलों सा..........

केशरिया झण्डा मेरा, जिनमत की पहचान है।
साथिया निशान है, जैनियों की शान है, उत्सव का सम्मान है।। टेक.।।
जिनवर के मंदिर शाश्वत बने जो,
उन सब पे भी ध्वज लहराते हैं।
रत्नों से निर्मित फिर भी हवा के,
चलने से वे ध्वज लहराते हैं।
देव वहाँ जाते, कीर्ति प्रभु की गाते, जिनचैत्य की वंदना कर रहे।
जय जय हो, जय जय प्रभो, केशरिया ध्वज धाम है।। साथिया।।1।।

आकाश की ऊँचाई को कहता,
झण्डा यह देखो फहराया है।
फूलों से गूंथा घंटी से गूंजा,
जिनवाणी का स्वर लहराया है।
महामहोत्सव में, आज के उत्सव में, ‘‘चन्दनामती’’ ध्वज वंदन करो।
जय जय हो, जय जय प्रभो, केशरिया ध्वज धाम है।। साथिया।।2।।