ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्ज एप पर मेसेज करें|

पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी के द्वारा अागमोक्त मंगल प्रवचन एवं मुंबई चातुर्मास में हो रहे विविध कार्यक्रम के दृश्य प्रतिदिन देखे - पारस चैनल पर प्रातः 6 बजे से 7 बजे (सीधा प्रसारण)एवं रात्रि 9 से 9:20 बजे तक|

04.झण्डारोहण गीत-2

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


झण्डारोहण गीत

तर्ज-जनगणमन..........

जन-जन के हितकारी हो प्रभु, युग के आदि विधाता।
ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर तुम ही, वृषभेश्वर जग त्राता।।
तुमने जन्म लिया जब,
कण-कण धन्य हुआ तब।
इन्द्र सिंहासन डोला,
मेरु सुदर्शन पांडु शिला पर, सबने जय जय बोला।
जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे।।1।।
नाभिराय मरुदेवी के नन्दन, हुए प्रथम अवतारी।
पंचकल्याणक के हो स्वामी, सब जन मंगलकारी।।
सब मिल जय प्रभु बोलो,
जग के बंधन खोलो।
गूज उठे जग सारा,
मुक्तिमार्ग बतलाते तुमको, नमन ‘‘चन्दनामति’’ का।
जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे।।2।।