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04. भजन-४ उत्तम सत्य धर्म

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भजन-४ उत्तम सत्य धर्म

तर्ज—झिलमिल सितारों का......

सत्य धरम जब पालन होगा, पापों का प्रक्षालन होगा।
इसका पालन वचन सिद्धि का साधन होगा।। सत्य धरम......।। टेक.।।

जाने कितने झूठ भी मैंने, जनम जनम में बोले हैं।
स्वार्थसिद्धि के कारण अपने, वचन न मैंने तोले हैं।।
अब उन सबका क्षालन होगा, सत्य धरम जब पालन होगा।। सत्य......।।१।।

बहुत से विषकण मिलकर जैसे, अमृत नहिं बन सकते हैं।
कई झूठ मिलकर वैसे ही, सत्य नहीं बन सकते हैं।।
धर्म सदा अमृत सम होगा, सत्य धरम जब पालन होगा।।सत्य......।।२।।

साधू उत्तम सत्य वचन को, पूर्णरूप से धरते हैं।
श्रावक भी सच्चाई का, आंशिक पालन कर सकते हैं।।
अत: झूठ वच टालन होगा, सत्य धरम जब पालन होगा।। सत्य......।।३।।

राजा वसु ने झूठ बोलकर, अधोगती को प्राप्त किया।
सत्य बोलने वालों ने ‘‘चन्दना’’, ऊध्र्वगति प्राप्त किया।।
धर्म सदा मनभावन होगा, सत्य धरम जब पालन होगा।। सत्य......।।४।।