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05. भगवान शांतिनाथ का संक्षिप्त परिचय

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भगवान शांतिनाथ का संक्षिप्त परिचय

जन्मभूमि - कुरुजांगल देश, हस्तिनापुर नगरी

पिता - राजा अश्वसेन

माता - ऐरादेवी

गर्भ दिवस - भाद्रपद वदी सप्तमी

जन्मदिवस - ज्येष्ठ कृष्णा चतुर्दशी

नाम - शांतिनाथ

चिन्ह - हरिण

वर्ण - स्वर्ण सदृश

आयु - एक लाख वर्ष

ऊँचाई - चालीस धनुष (१६० हाथ)

लघुभ्राता - सौतेली माता यशस्वती से जन्मे चक्रायुद्ध कुमार

कुमार काल - पच्चीस हजार वर्ष

मांडलिक राज्यकाल - पच्चीस हजार वर्ष

चक्रवर्ती का वैभव - चक्र, छत्र, तलवार, दण्ड, काकिणी, चर्म, चूड़ामणि ये सात अचेतन रत्न तथा पुरोहित, सेनापति, स्थपति, गृहपति, कन्यारत्न (स्त्री), गज और अश्व ये सात चेतन रत्न ऐसे चौदह रत्न। नवनिधियाँ, छ्यानवे हजार रानियाँ, बत्तीस हजार मुकुटबद्ध राजा, साढ़े तीन करोड़ बंधुकुल, अठारह करोड़ घोड़े, चौरासी लाख हाथी, तीन करोड़ गायें, चौरासी करोड़ उत्तम वीर, अनेकों करोड़ विद्याधर, अट्ठासी हजार म्लेच्छ राजा, छ्यानवे करोड़ ग्राम, पचहत्तर हजार नगर, सोलह हजार खेट, चौबीस हजार कर्वट, चार हजार मंटब, अड़तालीस हजार पत्तन इत्यादि।

साम्राज्य पद काल - पच्चीस हजार वर्ष

वैराग्य निमित्त - दर्पण में दो प्रतिबिंब का दिखना

दीक्षा स्थान - हस्तिनापुर का सहस्राम्र्र वन।

दीक्षातिथि - ज्येष्ठ कृष्णा १४, भरणी नक्षत्र

प्रथम आहार दाता - मन्दिरपुर के राजा सुमित्र

छद्मस्थ काल - सोलह वर्ष

केवलज्ञान स्थान - हस्तिनापुर का सहस्राम्र वन

दीक्षा वृक्ष - नंद्यावर्त

तिथि - पौष कृष्ण दशमी

समवसरण में - छत्तीस गणधर, बासठ हजार मुनि, साठ हजार तीन सौ आर्यिकाएँ,दो लाख श्रावक, चार लाख श्राविकाएँ, असंख्यात देव देवियाँ,संख्यात तिर्यंच।

लौकिक पद - पंचम चक्रवर्ती और बारहवें कामदेव

पारमार्थिक पद - सोलहवें तीर्थंकर

योग निरोध काल - एक माह

मोक्षदिवस - ज्येष्ठ कृष्णा चतुर्दशी