ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.png
Whatsappicon.png
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें |


पूज्य गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा देश के समस्त जैन विद्वानों के लिए विशेष सैद्धांतिक विषयों पर ऋषभगिरि-मांगीतुंगी से विद्वत प्रशिक्षण शिविर का पारस चैनल पर ४ दिसंबर २०१६- रविवार से सीधा प्रसारण चल रहा है | घर बैठे देखकर अवश्य ज्ञान लाभ लें |

06. राजस्थानी विवाह

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


[सम्पादन]
राजस्थानी विवाह

Scan Pic0003.jpg

राजस्थानी विवाह बहुत ही धूमधाम के साथ रीति रिवाजों एवं परम्पराओ का पालन करते हुए सम्पन्न होते हैं, यहां सजातीय विवाह का दृढ़ता से निर्वाह किया जाता है।

सगाई' — पत्रिका मिलान के बाद वर के घर पर सगाई की जाती है, जिसमें महिलाएँ सम्मिलित नहीं होतीं, वधू का भाई, वर को तिलक लगाकर तलवार, वस्त्र, मिठाई आदि उपहार स्वरूप देता है।

Scan Pic0089+252.jpg

गणपति स्थापना' — विवाह पूर्व यह बहुत ही महत्त्वपूर्ण आयोजन है, जिसमें गणपति की प्रतिमा की स्थापना के साथ, गृह शांति के लिए हवन भी किया जाता है।

Scan Pic0001++5566.jpg

पीठी' — चंदन एवं हल्दी के लेप को विवाह के कुछ दिन पूर्व, कन्या तथा वर को लगाना शुरू कर दिया जाता है, इसे पीठी कहते हैं। पीठी लगने के बाद वर—वधू घर से बाहर नहीं निकलते। पीठी समारोह, विवाह के दिन तक चलता है।

महफिल' — राजस्थानी विवाह में महफिलों का बहुत महत्व है। महिलाओं एवं पुरुषों की अलग—अलग महफिलें आयोजित की जाती हैं, महिलाओं की महफिल में पारंपरिक घूमर नृत्य किया जाता है।

जनेऊ एवं पल्ला दस्तूर' — विवाह के एक दिन पूर्व जनेऊ का कार्यक्रम होता है और वर पक्ष द्वारा वधू के घर, पल्ला दस्तूर लाया जाता है। इस अवसर पर वर पक्ष द्वारा वस्त्र आभूषण एवं विभिन्न वस्तुएं, वधू को भेंट की जाती हैं। राजस्थानी विवाह में केवल पुरुष ही गाजे बाजे के साथ विवाह स्थल तक जाते हैं।

Scan Pic++55++66.jpg

विवाह — बारात के विवाह स्थल तक पहुँचने पर, वर को महिलाओं के कक्ष में ले जाया जाता है, जहाँ वधू की मां वर की आरती करती हैं। इसके पश्चात् वर को मण्डप में लाया जाता है। यहां कन्यादान सम्पन्न होता है, मंत्रोच्चारण के बीच वर—वधू हवन कुण्ड की अग्नि के फेरे लेते हैं।

विवाहोपरांत समारोह — बारात के साथ वर—वधू के घर पहुंचने पर वधू को उसके पति के घर में गृह प्रवेश कराया जाता है, इसके पश्चात् दिन भर पूजा अर्चना एवं विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।