Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


२७ अप्रैल से २९ अप्रैल तक ऋषभदेवपुरम् मांगीतुंगी सिद्धक्षेत्र में लघु पंचकल्याणक प्रतिष्ठा आयोजित की गई है |

२५ अप्रैल प्रातः ६:४० से प्रतिदिन पारस चैनल पर पूज्य श्री ज्ञानमती माताजी के द्वारा षट्खण्डागम ग्रंथ का सार प्रसारित होगा |

08.गुरुवन्दना

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


गुरुवन्दना(श्रावक-श्राविकाओं के लिए)

1152.JPG
गुरुभक्त्या वयं सार्ध-द्वीपद्वितयर्वितन: ।

वन्दामहे त्रिसंख्योन-नवकोटि मुनीश्वरान् ।।

णिच्चकालं अंचेमि, पूजेमि, वंदामि, णमंसामि, दुक्खक्खओ, कम्मक्खओ, बोहिलाहो, सुगइगमणं, समाहिमरणं जिणगुणसंपत्ति होउ मज्झं। आचार्य, उपाध्याय और साधुओं की वंदना करते समय ‘गुरुवंदना’ पढ़कर नमोऽस्तु करें। आर्यिकाओं को वंदामि तथा ऐलक, क्षुल्लक व क्षुल्लिका को इच्छामि कहकर नमस्कार करें।