वीर निर्वाण संवत 2544 सभी के लिए मंगलमयी हो - इन्साइक्लोपीडिया टीम

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


22 अक्टूबर को मुंबई से पू॰ गणिनी ज्ञानमती माताजी का मंगल विहार मांगीतुंगी की ओर हो गया है|आज वे थाणे में हैं

08. विश्व का ८ वां आश्चर्य: गोम्मटेश्वर बाहुबली

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


विश्व का ८ वां आश्चर्य: गोम्मटेश्वर बाहुबली

Scan Pic0007.jpg

महामात्य चामुण्डराय जी ने अपनी माँ कालका देवी की इच्छा पूरी करने के लिए सन् ९८१ ई. में आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धान्त चक्रवर्ती के सान्निध्य में इन्द्रगिरि पर्वत पर भगवान बाहुबली की प्रतिमा प्रतिष्ठापित कराई थी ।

बाहुबली भगवान की विश्वविश्रुत विशाल ५७ फुट उत्तुंग उत्तरामुखी कायोत्सर्ग आसन की संसार की अनुपम, अद्वितीय एवं अतिशय सम्पन्न प्रतिमा है । यह प्रतिमा रूप, शिल्प और मूर्तिविज्ञान की अद्वितीय कलाकृति है । इस भव्य मूर्ति का महामस्तकाभिषेक १२ वर्ष के अन्तराल में होता है । यह दक्षिण भारत का प्रमुख जैन तीर्थ एवं पर्यटन स्थल है ।