ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्ज एप पर मेसेज करें|

प्रथामाचार्य श्री शांतिसागर महाराज की 62 वीं पुण्यतिथि (श्रावण शुक्ला दुतिया) 23 अगस्त को मुंबई के जैनम हाल में पूज्य गणिनी ज्ञानमती माता जी के सानिध्य में मनायी जाएगी जैन धर्मावलंबी अपने-अपने नगरों में विशेष रूप से इस पुण्यतिथि को मनाकर सातिशय पुण्य का बंध करें|
Graphics-candles-479656.gif

इस मंत्र की जाप्य दो दिन 22 और 23 तारीख को करे |

सोलहकारण व्रत की जाप्य - "ऊँ ह्रीं अर्हं साधुसमाधि भावनायै नमः"

08. विश्व का ८ वां आश्चर्य: गोम्मटेश्वर बाहुबली

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


विश्व का ८ वां आश्चर्य: गोम्मटेश्वर बाहुबली

Scan Pic0007.jpg

महामात्य चामुण्डराय जी ने अपनी माँ कालका देवी की इच्छा पूरी करने के लिए सन् ९८१ ई. में आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धान्त चक्रवर्ती के सान्निध्य में इन्द्रगिरि पर्वत पर भगवान बाहुबली की प्रतिमा प्रतिष्ठापित कराई थी ।

बाहुबली भगवान की विश्वविश्रुत विशाल ५७ फुट उत्तुंग उत्तरामुखी कायोत्सर्ग आसन की संसार की अनुपम, अद्वितीय एवं अतिशय सम्पन्न प्रतिमा है । यह प्रतिमा रूप, शिल्प और मूर्तिविज्ञान की अद्वितीय कलाकृति है । इस भव्य मूर्ति का महामस्तकाभिषेक १२ वर्ष के अन्तराल में होता है । यह दक्षिण भारत का प्रमुख जैन तीर्थ एवं पर्यटन स्थल है ।