ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्ज एप पर मेसेज करें|

09.तिलक लगाने का श्लोक

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


तिलक लगाने का श्लोक

किसी भी मंगलकार्य के अवसर पर विधानाचार्य यजमान के ललाट में तिलक करते समय निम्न श्लोक बोलें—

मंगलं भगवान् वीरो मंगलं गौतमो गणी।

मंगलं कुंदकुंदाद्यो जैनधर्मोऽस्तु मंगलम्।।
अथवा—
स्ववंशतिलको भूया:, तिलको भारतस्य च।
जिनपादप्रसादात्त्वं, त्रैलोक्यतिलको भव।।

(चंदन या रोली से तिलक लगाकर उसमें अक्षत लगाकर मस्तक पर तीन बार अक्षत क्षेपण करें।)