ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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सोलहकारण व्रत की जाप्य - "ऊँ ह्रीं अर्हं शक्तितस्तपोभावनायै नमः"

14. चक्रवर्ती सुभौम का संक्षिप्त परिचय

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चक्रवर्ती सुभौम का संक्षिप्त परिचय

जन्मभूमि - हस्तिनापुर

पिता - राजा कार्तवीर्य

माता - तारादेवी

नाम - सुभौम कुमार

पोषण स्थल - कौशिक ऋषि के आश्रम के तल घर में पालनपोषण।

चक्र उत्पत्ति - थाली द्वारा चक्ररत्न का प्रादुर्भाव।

लौकिकपद - अष्टम चक्रवर्ती

कार्य - जमदग्नि के पुत्र परशुराम का वध, इक्कीस बार पृथ्वी को ब्राह्मण रहित करना

आयु - साठ हजार वर्ष ऊँचाई-२८ धनुष (११२ हाथ)

मरण निमित्त - णमोकार मंत्र के अपमान से ज्योतिष्क देव द्वारा मरण

परलोक गमन - सप्तम नरक प्राप्ति

अन्तराल - अरनाथ तीर्थंकर के बाद दो सौ करोड़ वर्ष के अनंतर