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डिप्लोमा इन जैनोलोजी कोर्स का अध्ययन परमपूज्य प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी द्वारा प्रातः 6 बजे से 7 बजे तक प्रतिदिन पारस चैनल के माध्यम से कराया जा रहा है, अतः आप सभी अध्ययन हेतु सुबह 6 से 7 बजे तक पारस चैनल अवश्य देखें|

१८ अप्रैल से २३ अप्रैल तक मांगीतुंगी सिद्धक्ष्रेत्र ऋषभदेव पुरम में इन्द्रध्वज मंडल विधान आयोजित किया गया है |

२५ अप्रैल प्रातः ६:४० से पारस चैनल पर पूज्य श्री ज्ञानमती माताजी के द्वारा षट्खण्डागम ग्रंथ का सार प्रसारित होगा |

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एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म लेख-सम्पादन स्वशिक्षा

एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म कई सदस्यों के सहयोग से बना एक मुक्त ज्ञानकोष है जिसमें आप अपना योगदान आसानी से दे सकते हैं। यह पाठ आपको एक एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म में योगदानकर्ता बनने में सहायता करेगा।

इस पाठ के पन्ने आपको एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म के लेख लिखने के उचित तौर-तरीकों से अवगत कराएंगे, यानी लेख कैसे लिखे जाने चाहिए और क्या सामग्री उचित-अनुचित है। यह पाठ आपको एन्साइक्लोपीडिया ऑफ जैनिज्म सदस्य-समाज, नीतियों और व्यवहार के बारे में भी बताएगा ।

यह एक आधारिक पाठ है, और इसमें बारीक़ विषयों पर विस्तृत जानकारी नहीं है। ऐसी चीज़ों पर ज्ञान आपको अन्य पृष्ठों पर मिलेगा जिनके लिए स्थान-स्थान पर जोड़ (लिंक) दिए गए हैं। उन्हें पढ़ने के लिए, आप उन्हें अपने ब्राउज़र पर अन्य टैबों में खोल सकते हैं।

सीखते-सीखते आप प्रयोगस्थल ("सैण्डबॉक्स") पन्नों पर प्रयोग कर सकते हैं। इनमें आप मनचाहे फेर-बदल कीजिए और जैसे चाहे प्रयोग कीजिए! कोई रोकेगा-टोकेगा नहीं, और इनमें चाहे आप जितनी ही उलटी-सीधी खिचड़ी पकाएँ, किसी को कोई आपत्ति नहीं होगी और कोई बुरा नहीं मानेगा।

आइए, सम्पादन के बारे में सीखें!


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