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२२ जून से २४ जून २०१८ तक ऋषभदेवपुरम मांगीतुंगी में लघु पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित किया गया है |

प्रतिदिन पारस चैनल के सीधे प्रसारण पर प्रातः 6 से 7 बजे तक प.पू.आ. श्री चंदनामती माताजी द्वारा जैन धर्म का प्रारंभिक ज्ञान प्राप्त करें |

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परिशानत कृति Dissociation of karmas without accumulation of mattergic aggregate. विवक्षित शरीर के पुद्गल स्कन्र्धों की संचय के बिना जो निर्जरा होती है वह परिशानत कृति कहलाती है।